बिंदायका फायरिंग कांड का खुलासा, रंजिश में प्रॉपर्टी डीलर पर बरसाईं गोलियां
जयपुर। राजस्थान के जयपुर के बिन्दायका थाना क्षेत्र में 14 मार्च 2026 को हुई एक दिल दहला देने वाली घटना का पुलिस ने आखिरकार पर्दाफाश कर दिया। प्रॉपर्टी कारोबारी पर हुए इस संगठित हमले में शामिल चार खूंखार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
क्या था पूरा मामला
बिन्दायका निवासी कमलदीप मीणा उर्फ कमल मीणा अपने कुछ साथियों के साथ पाल वाले बालाजी मंदिर जा रहे थे। हाथोज फाटक के पास पहुंचते ही एक थार गाड़ी ने अचानक उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते, एक स्विफ्ट और स्कॉर्पियो ने भी उनकी गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया। देखते ही देखते करीब 10 से 15 हमलावर वाहन से उतरे और ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। हमले के दौरान आरोपियों ने फायरिंग भी की।
पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्तालय जयपुर के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम बनाई गई। थाना बिन्दायका और सीएसटी टीम ने मिलकर घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बारीकी से खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से एक-एक कर आरोपियों की पहचान की गई और उन्हें दबोच लिया गया।
इन आरोपियों को गिरफ्तार किया
पुलिस ने इस मामले में आसीन उर्फ यासीन खान, विष्णु सिंह उर्फ बल्लू, गजेन्द्र सिंह उर्फ गज्जू बन्ना और इरशाद अली को हिरासत में लिया है। ये चारों कोई साधारण अपराधी नहीं हैं। इनके खिलाफ पहले से हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट और अपहरण जैसे कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
रिमांड पर भेजे गए आरोपी
चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया जहां से पुलिस को तीन दिन का रिमांड मिला है। इस दौरान पुलिस उनसे हमले में इस्तेमाल हथियारों की बरामदगी और अभी तक फरार चल रहे अन्य साथियों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम प्रशांत किरण (IPS) के अनुसार इस हमले के पीछे आपसी रंजिश या किसी प्रॉपर्टी विवाद का हाथ हो सकता है। हालांकि, मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी का दौर चल रहा है।



