अंबिकापुर, छत्तीसगढ़:सरगुजा जिला प्रशासन ने आज सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए अंबिकापुर स्थित 'कमोदा रिसॉर्ट' के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चला दिया। रिसॉर्ट परिसर का एक बड़ा हिस्सा लगभग 45 डिसमिल सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर बनाया गया था। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में राजस्व विभाग की टीम ने घेराबंदी कर इस कब्जे को ढहा दिया।

विरोध के बावजूद प्रशासन का कड़ा रुख

ज्ञात हो कि दो दिन पहले भी एसडीएम के नेतृत्व में टीम अतिक्रमण हटाने पहुँची थी, लेकिन संचालकों के भारी विरोध और हंगामे के कारण टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा था। उस दौरान संचालकों ने मोहलत मांगी थी, जिसे पूरा होते ही आज तड़के 6:30 बजे प्रशासन ने दोबारा दबिश दी। इस दौरान भी नोकझोंक की स्थिति बनी, लेकिन अधिकारियों ने सूझबूझ से काम लेते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया।

अक्टूबर 2025 में ही घोषित हुआ था अतिक्रमण

सरकारी जमीन पर रिसॉर्ट के निर्माण की शिकायत काफी समय से की जा रही थी। अक्टूबर 2025 में तहसील न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया था कि 45 डिसमिल सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। प्रशासन ने कई बार नोटिस जारी कर संचालकों को खुद कब्जा हटाने का मौका दिया था, लेकिन उनकी ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई।

सियासी दखल भी नहीं आया काम

बीते शनिवार को जब प्रशासन जेसीबी लेकर पहुँचा था, तब पूर्व कैबिनेट मंत्री अमरजीत भगत भी मौके पर पहुँचे थे और उन्होंने अधिकारियों की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए इसे रोकने की कोशिश की थी। हंगामे को देखते हुए अधिकारियों ने संचालकों को दो दिन का समय दिया था, लेकिन समय सीमा समाप्त होते ही आज कलेक्टर के निर्देश पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी गई।

जमीन की खरीद-बिक्री पर भी उठ रहे सवाल

विवाद केवल सरकारी जमीन तक सीमित नहीं है। बताया जा रहा है कि रिसॉर्ट का एक हिस्सा शरणार्थियों को दी गई जमीन पर भी बना है। इस जमीन की रजिस्ट्री को लेकर बेचने वाले पक्ष के परिजनों ने सरगुजा कलेक्टर से शिकायत की है, जिसमें दावा किया गया है कि धोखाधड़ी से यह सौदा किया गया। फिलहाल प्रशासन इस पहलू की भी बारीकी से जांच कर रहा है।

अतिक्रमण के खिलाफ जारी है अभियान

कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में अंबिकापुर में अवैध कब्जों के खिलाफ मुहिम तेज हो गई है। पिछले एक महीने में रिंग तालाब को कब्जा मुक्त कराने और नाले पर बनी अवैध बाउंड्री वॉल ढहाने जैसी कई बड़ी कार्रवाइयां हुई हैं। वन विभाग ने भी वन भूमि पर बने अवैध ढांचों को तोड़ा है। इस ताजा कार्रवाई के बाद शहर के अन्य बड़े अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया है।