हनुमानगढ़: जिले में सिंचाई के पानी की कमी और जर्जर हो चुके '602 खाला' के पुनर्निर्माण की मांग को लेकर किसानों का धैर्य जवाब दे गया है। प्रशासन की अनदेखी से आक्रोशित तीन किसान रविवार शाम गांव कुलचंद्र में पानी की टंकी पर चढ़ गए। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

मांगें पूरी न होने पर टंकी पर चढ़े किसान

रविवार शाम करीब 5 बजे किसान नेता अभिमन्यु झोरड़, रामकुमार भोभिया और दिनेश कुमार सहारण अपनी मांगों के समर्थन में पानी की टंकी पर जा बैठे। किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। सूचना मिलते ही टिब्बी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों को नीचे उतारने के लिए समझाइश शुरू की, लेकिन देर रात तक किसान अपनी मांगों पर अडिग रहे।

जर्जर खाले से फसलें बर्बाद, सिंचाई ठप

किसानों की मुख्य शिकायत '602 खाला' की खस्ताहाल स्थिति को लेकर है। किसानों का आरोप है कि खाला पूरी तरह टूट चुका है, जिससे पानी अंतिम छोर (टेल) तक नहीं पहुंच पा रहा है। सिंचाई का पर्याप्त पानी न मिलने के कारण फसलें सूखने लगी हैं, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप

संघर्ष समिति के अनुसार, प्रशासन ने पूर्व में लिखित आश्वासन दिया था कि 5 मई तक खाले को नकारा घोषित कर 11 मई से इसका निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी धरातल पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। प्रशासनिक अधिकारियों के इसी ढुलमुल रवैये के कारण किसानों में भारी रोष है।

आज होगी विशाल महापंचायत, उग्र आंदोलन की चेतावनी

आंदोलन को धार देने के लिए संघर्ष समिति ने रविवार को गांव-गांव जाकर जनसंपर्क किया और समर्थन जुटाया। आज, 11 मई को कुलचंद्र में एक विशाल किसान महापंचायत बुलाई गई है। किसानों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि तुरंत ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।