75 साल की बुजुर्ग महिला पर TTE का घूंसा! क्या रेलवे में खत्म हो गई इंसानियत?
संचिता सुषमा वाल्के
भोपाल में कुशीनगर एक्सप्रेस का मामला, AC कोच में चढ़ने पर बुजुर्ग महिला से मारपीट का आरोप

भोपाल | देश की रेलवे व्यवस्था लगातार सुविधाओं और आधुनिकता के बड़े-बड़े दावे करती है। लेकिन भोपाल से सामने आई एक घटना ने उन दावों की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कुशीनगर एक्सप्रेस में सफर कर रही 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने टीटीई पर मारपीट का आरोप लगाया है। आरोप है कि ट्रेन छूटने के डर से महिला जल्दबाजी में AC कोच में चढ़ गई थी। इसी बात पर टीटीई इतना भड़क गया कि उसने महिला के चेहरे पर घूंसा मार दिया। बताया जा रहा है कि इस हमले में बुजुर्ग महिला के दांत तक टूट गए।
सोचने वाली बात यह है कि क्या भारतीय रेलवे में अब नियम इंसानियत से बड़े हो गए हैं?
अगर कोई बुजुर्ग महिला घबराहट में गलत कोच में चढ़ जाती है, तो क्या उसका जवाब हिंसा है?
रेलवे कर्मचारियों को अधिकार जरूर दिए गए हैं, लेकिन क्या यात्रियों के सम्मान और सुरक्षा की जिम्मेदारी खत्म हो गई?
एक 75 साल की महिला पर हाथ उठाना केवल बदसलूकी नहीं, बल्कि व्यवस्था की संवेदनहीनता का चेहरा है।
पीड़िता ने रानी कमलापति स्टेशन के GRP थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी टीटीई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रेलवे प्रशासन इस मामले में सिर्फ जांच का दिखावा करेगा या वास्तव में जिम्मेदार कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई होगी?
यह घटना केवल एक महिला के साथ कथित मारपीट नहीं, बल्कि उस मानसिकता का आईना है जहां वर्दी और अधिकार के दम पर आम यात्रियों को अपमानित करना आसान समझ लिया जाता है।
रेलवे को यह समझना होगा कि यात्री कोई बोझ नहीं हैं।
और बुजुर्गों के साथ सम्मानजनक व्यवहार कोई एहसान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है।
अगर आरोप सही हैं, तो यह मामला केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
ऐसे कर्मचारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी वर्दी के रौब में इंसानियत को कुचलने की हिम्मत न कर सके।