जयपुर: गुलाबी नगरी में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरी के विरुद्ध अपने अभियान को और तेज करते हुए मुहाना मंडी स्थित एक कोल्ड स्टोरेज पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान अरावली ट्रेड विजन कोल्ड स्टोरेज से लगभग दस हजार किलो ऐसी खाद्य सामग्री बरामद की जो मानव उपभोग के लिए पूरी तरह असुरक्षित थी। इस कार्रवाई के अंतर्गत साढ़े आठ हजार किलो सड़ चुके फफूंदी लगे फल और डेढ़ हजार किलो एक्सपायरी हो चुके खजूर को तत्काल प्रभाव से जब्त कर नष्ट करवाया गया ताकि इन्हें बाजार में पहुंचने से रोका जा सके।

गर्मियों में फलों की गुणवत्ता और प्रशासनिक सतर्कता

खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देशन में गठित विशेष दलों ने मुहाना मंडी में फलों की शुद्धता जांचने के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया, जिसमें गर्मियों के सीजन को देखते हुए फलों की भंडारण स्थिति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कोल्ड स्टोरेज में सेब, अंगूर, अनार और संतरा जैसे फलों का भारी स्टॉक मिला जो सड़ चुका था और जिनमें दुर्गंध आ रही थी। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन असुरक्षित उत्पादों को डंपिंग यार्ड भिजवाया और यह सुनिश्चित किया कि स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाली कोई भी सामग्री उपभोक्ताओं तक न पहुंच पाए।

व्यापारियों का स्वीकारोक्ति और असुरक्षित बिक्री पर खुलासा

निरीक्षण के दौरान तब चौंकाने वाली जानकारी सामने आई जब संबंधित व्यापारियों ने स्वीकार किया कि वे इन खराब फलों की छंटाई और सफाई करवाकर इन्हें कम दामों पर फुटकर बाजार में खपा देते थे। व्यापारियों की इस स्वीकारोक्ति के बाद विभाग ने उन्हें कड़ी चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकार की गतिविधियां खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का गंभीर उल्लंघन हैं। विभाग ने इस मामले में संलिप्त व्यापारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं और उनके विरुद्ध कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

सुरक्षित भंडारण और लाइसेंस हेतु विभागीय दिशा-निर्देश

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने केवल जब्ती तक ही सीमित न रहकर मंडी के अन्य आम गोदामों का भी निरीक्षण किया और व्यापार संघ के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस दौरान व्यापारियों को इथाइलीन गैस के वैज्ञानिक और सुरक्षित उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई ताकि फलों को पकाने की प्रक्रिया स्वास्थ्य के लिए हानिकारक न हो। साथ ही, विभाग ने सभी फल एवं सब्जी विक्रेताओं से अनिवार्य रूप से एफएसएस एक्ट के तहत लाइसेंस बनवाने की अपील की है ताकि भविष्य में व्यापारिक गतिविधियों को कानूनी मानकों के भीतर सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।