संपादक। संचिता सुषमा वाल्के

देश की राजधानी नई दिल्ली के रायसीना हिल पर स्थित राष्ट्रपति भवन न केवल भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र की गरिमा और स्थापत्य कला का अद्वितीय प्रतीक भी है। विशालता और भव्यता के मामले में यह दुनिया के सबसे बड़े राष्ट्राध्यक्ष आवासों में गिना जाता है। करीब 320 से 330 एकड़ में फैला यह परिसर अपने आप में एक शहर जैसा प्रतीत होता है। राष्ट्रपति भवन में कुल लगभग 340 कमरे हैं, जो इसकी विशाल संरचना और योजनाबद्ध निर्माण को दर्शाते हैं। यह भवन केवल एक आवास नहीं, बल्कि प्रशासनिक गतिविधियों, आधिकारिक समारोहों और राजकीय कार्यक्रमों का प्रमुख केंद्र भी है। ब्रिटिश काल में निर्मित इस भवन की वास्तुकला में भारतीय और यूरोपीय शैलियों का अनूठा संगम देखने को मिलता है। इसकी भव्यता हर आगंतुक को आकर्षित करती है और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत करती है। राष्ट्रपति भवन का परिसर अपने सुंदर मुगल गार्डन (अब अमृत उद्यान) के लिए भी प्रसिद्ध है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक और नागरिक भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। यह स्थान न केवल सौंदर्य का केंद्र है, बल्कि देश की परंपरा और आधुनिकता के संगम का जीवंत उदाहरण भी है। रायसीना हिल पर स्थित यह भव्य भवन भारत की लोकतांत्रिक शक्ति, ऐतिहासिक विरासत और स्थापत्य उत्कृष्टता का प्रतीक बनकर आज भी देश की शान बढ़ा रहा है।